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CGST Full Form In Hindi

CGST Full Form In Hindi ? CGST क्या है ? CGST की फूल फॉर्म क्या है ?CGST किसके अंतग्रत आता है? CGST से लोगों को क्या फायदा है ? CGST किन चीजों पर कितना लागू होता है ? CGST कब और किसने लागू किया ?

दोस्तों जब भी आप कुछ खरीदते हैं और फिर बिल देखते हैं, तो अक्सर सोचते होंगे की  CGST आखिर है क्या? आपके सारे सवालो का जवाब आपको आज हमारे आर्टिकल में पढ़ने को मिलेगा ।  आज के बाद आपको कभी भी कोई उलझन नहीं होगी ।  

दोस्तों CGST  से जुडी हर जरुरी जानकारी आपको इस ब्लॉग में पढ़ने को मिलेगी । और अंत में हम आपको ये भी बताएंगे की CGST आम आदमी के लिए कितना फायदेमंद या नुकसानदायक साबित हुआ है।  

CGST क्या है ? 

CGST  केंद्रीय सरकार द्वारा वसूले जाने वाला टैक्स है । ये GST के अंतर्गत आता है। केंद्रीय सरकार ने इसे SGST ( स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स) से अलग करने के लिए बनाया है । ये टैक्स वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाता है।  एक ही राज्य में जब सामान एक जगह से दूसरी जगह, या एक व्यापारी से ग्राहक तक पहुंचाया जाता है, तब उन सामानों पर ये लगाया जाता है। 

उदाहरण के लिए, मान लीजिये आप हरयाणा क्षेत्र के एक व्यापारी हैं और आपने एक टीवी ₹25000 में बेचा। जिसके ऊपर GST लगा 20% जिसमे SGST और CGST दोनों 10-10 % है। इस परिस्थिति में  हरयाणा राज्य सरकार व केंद्रीय सरकार दोनों के पास 2500 – 2500 रुपए टैक्स के तौर पे जमा होंगे। और खरीदार का कुल बिल बनेगा  ₹30000।

CGST की फुल फ्रॉम क्या है ?

CGST full form in hindi 

दोस्तों जिस तरह से इसका काम है कुछ उसी तरह से इसका नाम भी है :

C – CENTRAL 

G – GOODS and 

S – SERVICE

T – TAX 

दोस्तों CGST का पूरा नाम “ Central Goods & Service Tax “ है और इसे हम हिन्दी मेंसेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स कहते हैं । 

CGST किसके अंतर्गत आता है?  

CGST जो वस्तुओं और सेवाओं की अंतरराज्यीय लेन देन पर लगाया जाता है, वह अलग-अलग राज्य सरकार द्वारा इकट्ठा किया जाता है। CGST कॉउन्सिल का नेतृत्व सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों (फाइनेंस मिनिस्टर्स) द्वारा किया जाता है, जिसका निर्देशन भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण करतीं हैं।

CGST से लोगो को क्या फायदे है?

आप सोचते होंगे की इतने टैक्स चूका के आपको क्या फायदे हैं, या कोई फायदा है भी या नहीं ? आज आपके सारे सवालो का उत्तर हम आपको देंगे। तो अगर आप एक कर दाता ( टैक्स पेअर ) हैं तो आपको निम्नलिखित लाभ हैं :- 

  1. आपको कानूनी रूप से माल के सप्लायर अथवा खरीदार के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  1. अगर आप एक व्यापारी हैं और कगसत चुकाते हैं तभी आप अपने ग्राहकों से टैक्स एकत्र करने के लिए कानूनी रूप से योग्य है और भुगतान किए गए टैक्स का क्रेडिट खरीदारों को पास कर सकते हैं। 
  1. आप भुगतान किए गए करों के इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकते है।  
  1.  CGST ने मैन्युफैक्चरिंग एरिया से टैक्स का बोझ कम किया है , इस तरह मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट कम होगी और यदि मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट काम होगी तो प्रोडक्ट की डिमांड ज्यादा बढ़ेगी।  इस से खरीदार और व्यापारी दोनों को ही फायदा है।  

CGST किन चीज़ो पे कितना लागू होता है ?

0% CGST – अनाज, आटा, मैदा, बेसन,देसी खाने पीने की चीज़े, सिन्दूर, चुडिया, पोस्टकार्ड, पेंसिल, चौक, खेती में इस्तेमाल किये जाने वाले औजार,सुनने की मशीन आदि।   

2.5% CGST – ब्रांडेड खाने पीने की चीज़े, मिठाईया,मिट्टी के टाइल्स, रसोई गैस, पनीर, दवाइया, कोल् गैस सोलर हीटर आदि।  

6% CGST – नमकीन, मोबाइल,बैंडेज, प्लास्टर,पेंट, किताबे,आर्ट वर्क,छाता,अगरबत्ती, छुरी, क्रेयॉन, ताम्बे और एल्युमीनियम के बर्तन, कृत पेपर, गद्दे, क्रेयॉन आदि। 

9% CGST –  बालो का तेल, साबुन, केक, पेस्ट्री, पाइप और घरेलु सामान, स्टील के बर्तन, सिरेमिक की बानी घरेलु चीज़े, कैमरा, एलपीजी स्टोव, जनरेटर, टिश्यू पेपर,टॉयलेट पेपर आदि। 

14% CGST – शैम्पू, सीमेंट, इलेक्ट्रिक हीटर, टीवी, फ्रिज, वैक्यूम क्लीनर, लैंप, इंस्टेंट कॉफ़ी, प्रिंटर, तुबे टायर, मेकअप का सामान, टाइल्स, डिश वॉशर, तार,घडी आदि।   

CGST कब और किसने लागू किया?

CGST, GST (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के अंतर्गत भारत में 29 मार्च 2017 को संसद में पास किया गया और 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ। यह एक  इंडIयरेक्ट टैक्स है जिसने भारत में कई अनवांटेड टैक्स की जगह ले ली है जैसे की उत्पाद शुल्क, वैट, सर्विस टैक्स, आदि। 

निष्कर्ष 

दोस्तों CGST  एक तरह से आपके लिए फायदेमंद साबित हुआ है क्यूंकि 2017 से पहले राज्य और केंद्रीय सरकार ने कई तरह के टैक्स लागू किये हुए थे, जिससे आम आदमी का बहुत नुक्सान होता था। और CGST- SGST से हमें ये जानकारी भी रहती है की हम कितना टैक्स कहा चूका रहे है, वार्ना पहले हम कभी भी इस निष्कर्ष पे नहीं पहुंच पाते थे, क्यूंकि नंबर ऑफ़ टैक्सेज बहुत ज्यादा होते थे, जबकि अब सिर्फ CGST और SGST होता है। 

ये समझने में भी आसान है और सरकार के लिए भी सटीक और परेशानी रहित तरीका है टैक्स इकठ्ठा करने के लिए।  तो दोस्तों आशा है हम CGST से जुड़े आपके सारे सवालो का उत्तर सही तरीके से दे पाए होंगे।   

आज आपने क्या सीखा ?

1. CGST क्या है ? 

2. CGST की फुल फ्रॉम क्या है ?

3. CGST किसके अंतर्गत आता है?  

4. CGST से लोगो को क्या फायदे हैं ?

5. CGST किन चीज़ो पे कितना लागू होता है ?

6. CGST कब और किसने लागू किया?

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