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DSP Full Form In Hindi

DSP Full Form In HINDI? DSP क्या है ? DSP की फूल फॉर्म क्या है ? DSP के कार्य ? DSP कैसे बनते हैं ? DSP बनने के लिए योग्यता ?

दोस्तों आपने बहुत बार, लोगो को बात करते हुए DSP सुना होगा। या जब भी कभी पुलिस के बारे में ज़िक्र हुआ हो,तब आपने DSP रैंक के बारे में बहुत सुना होगा और आप अक्सर ये सोचते होंगे की आखिर DSP है क्या और DSP के काम क्या क्या है ?आज ये आर्टिकल पढ़ कर आपके सारे सवालो का जवाब आपको मिल जाएगा। 

दोस्तों अगर आपका भी सपना है पुलिस में DSP बनने का मगर आपको अभी तक उचित जानकारी ना मिली हो उसके बारे में तो आज ये ब्लॉग आपकी सभी मुश्किलों का समाधान करेगा। आज के बाद आपको क्या करना है,कैसे करना है इसके बारे में कोई प्रश्न नहीं रहेगा।  

DSP से जुड़े हर प्रश्न का उत्तर जान ने के लिए बने रहिये हमारे ब्लॉग के साथ। 

DSP क्या है ?

DSP कॉमनवैल्थ और पूर्व में ब्रिटिश साम्राज्य में कई पुलिस बलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली रैंक है। यह रैंक आमतौर पर सहायक सुप्रीटेंडेंट (ASP) से ऊपर और सुप्रीटेंडेंट (SP) से नीचे होती है।

भारतीयकरण की नीति पेश किए जाने के बाद 1876 में कमिश्नरी सिस्टम में DSP का पद बनाया गया था। यह मूल रूप से केवल भारतीयों द्वारा आयोजित एक रैंक थी और सहायक सुपरिंटेंडेंट (ASP) ( रैंक जो तब केवल यूरोपीय लोगों द्वारा इस्तेमाल की जाती थी ) के बराबर थी।

DSP अब राज्य पुलिस अधिकारी हैं जो स्थानीय पुलिस बलों से संबंधित है।  इस रैंक पर  रैंक पर या तो पुलिस अधिकारी सीधे प्रवेश करते हैं या इंस्पेक्टर से प्रमोट होते हैं। ASP जो स्थानीय बलों के सदस्य हैं,उन्हें निर्धारित वर्षों की सेवा के बाद भारतीय पुलिस सेवा में प्रमोट करके DSP बनाया जा सकता है, जो की राज्य के आधार पर 8 से 15 वर्ष तक की सेवा होती है।

DSP की फुल फॉर्म क्या है ?

DSP Full Form In Hindi

तो आइये दोस्तों अब हम सबसे पहले DSP की फुल फॉर्म जानते हैं। DSP की फुल फॉर्म होती है :

D – DEPUTY

S – SUPERINTENDENT OF

P – POLICE

दोस्तों DSP को “ Deputy Superintendant Of Police “  या हिंदी में “पुलिस उपाधीक्षक” या ‘ डिप्टी सुपरिन्टेन्डेन्ट ऑफ़ पुलिस “ भी कहते हैं।

DSP के कार्य ?

DSP, पुलिस अधीक्षक ( SP ) का सबोर्डिनेट अधिकारी होता है ; वह SP की सहायता करता है और पुलिस विभागों के लिए इन सभी कार्यों का प्रबंधन भी करता है, जैसे की अपराध को रोकना, पुलिस स्टेशनों को संभालना, जांच को नियंत्रित करना आदि।

DSP के मुख्य कार्य और ज़िम्मेदारियाँ निम्नलिखित है :

  1. DSP को दो या दो से अधिक पुलिस थानों को संभालना होता है। उसे वहां की सभी गतिविधियों पर नजर रखनी होती है। 
  1. वह अपराध की रोकथाम के लिए जिम्मेदार है। उन्हें ही इस बारे में विचार करना होगा की उस जगह के अपराधों को कैसे नियंत्रण में लाया जाए।
  1. वह सभी मामलों की निगरानी करता है और सभी संबंधित जांच उसकी जिम्मेदारी है। वह स्वयं सभी अपराध स्थलों का दौरा करते है और इस बात का ध्यान रखते है कि जांच ठीक से हो।
  1. वे उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं जो नियमो का पालन नहीं करते हैं; इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे उनकी अपनी टीम से हैं या आम जनता से।
  1. वह जनता या यातायात जैसे ट्रैफिक से संबंधित सभी सुरक्षा कर्तव्यों को पूरा करने के लिए कार्यभार संभालता है।
  1. बड़े पैमाने पर व्यवस्थाओं का प्रबंधन भी डीएसपी के मुख्य कर्तव्यों में से एक है। 

उदाहरण के लिए, यदि क्षेत्र में कोई बड़ा त्यौहार या कोई आयोजन होने वाला है, तो सभी चीजों की देखभाल करने के लिए एक डीएसपी ज़िम्मेदार है, और कोई भी अपराधी या अपराध घटना को आयोजन को कहरब नहीं करने देता है।

  1. वह सामुदायिक संबंध बनाने, जनता और प्रबंधन (मैनेजमेंट) के बीच शांति बरकरार रखने के लिए भी काम करता है।

DSP कैसे बनें ?

उम्मीदवार जो DSP बनना चाहता है उसे राज्य लोक सेवा आयोग ( स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन ) द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षा में भाग लेना चाहिए। इस परीक्षा को पास करने वाले उम्मीदवार डीएसपी के रूप में तैनात होने से पहले परिवीक्षाधीन प्रशिक्षण ( प्रोबशनरी ट्रेनिंग ) से गुजरते हैं। 

डीएसपी बनने के लिए निम्नलिखित चरण हैं : 

  1. प्रारंभिक (प्रीलिम्स) और मुख्य (मेंस) लिखित परीक्षा
  2. पीईटी (फिजिकल एफिसिएंसी टेस्ट)
  3. चिकित्सा परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) और साक्षात्कार (इंटरव्यू)

DSP बनने के लिए योग्यता ?

DSP के पोस्ट के लिए अप्लाई करने के लिए उम्मीदवार के पास निम्नलिखित सभी चीज़े होनी आवश्यक है :

  1. उमीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  1. उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या शैक्षणिक संस्थान से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन होनी चाहिए।
  1. उमीदवार  की आयु 21 वर्ष से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। OBC जाति व SC / सत जाती के आवेदकों के लिए ऊपरी आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट उपलब्ध है।
  1. पुरुष आवेदकों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 168 सेंटीमीटर और महिला आवेदकों के लिए 155 सेंटीमीटर है।
  1. पुरुषों के लिए, अपेक्षित न्यूनतम छाती 84 सेंटीमीटर है, जिसमें कम से कम 5 सेंटीमीटर का विस्तार है।

निष्कर्ष 

दोस्तों आज हमने इस आर्टिकल के द्वारा ये एहसास किया की DSP हमारे क़ानून का एक बहुत अहम हिस्सा है। वे ना ही सिर्फ अपराध को रोकने और ख़तम करने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं, बल्कि जनता और प्रभंदन के बीच शान्ति बनाये रखने के लिए बहुत काम करते है। वह सुनिश्चित करते है की नियमो और प्रबंधनों का पूर्ण रूप से और सबके द्वारा पालन किया जा रहा है। 

दोस्तों यदि आपको भी DSP बनके देश व अपने देशवासियो की सेवा करनी है, अपने देश को अपराध मुक्त बनाने में एक भूमिका निभानी है तो आप भी स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा हर साल आयोजित स्टेट एंट्रेंस एग्जाम में भाग लेकर अपनी योग्यता साबित कर सकते है। 

दोस्तों आशा है की आपको हमारा आज का आर्टिकल पसंद आया होगा और ये आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित हुआ । 

आज आपने क्या सीखा ?

  1. DSP क्या है ? 
  1. DSP की फुल फॉर्म क्या है ? 
  1. DSP के कार्य ? 
  1. DSP कैसे बनते है ? 
  1. DSP बनने के लिए योग्यता ? 

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